लोकतंत्र की सबसे काली रात, मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी



. श्रीमान प्रकाश त्रिपाठी ने emergency को याद करते हुए लिखा है कि 25 जून को लोकतंत्र के इतिहास में एक काला कालखंड के रूप में उन्होंने प्रस्तुत किया है I प्रकाश त्रिपाठी जी की लोकतंत्र के प्रति ये जागरूकता सराहनीय है और लोकतंत्र एक व्यवस्था ही है, ऐसा नहीं है, वो एक संस्कार भी है I Eternal Vigilance is the Price of Liberty I लोकतंत्र के प्रति नित्य जागरूकता ज़रूरी होती है और इसलिये लोकतंत्र को आघात करने वाली बातों को भी स्मरण करना होता है और लोकतंत्र की अच्छी बातों की दिशा में आगे बढ़ना होता है I 1975 - 25 जून - वो ऐसी काली रात थी, जो कोई भी लोकतंत्र प्रेमी भुला नहीं सकता है I कोई भारतवासी भुला नहीं सकता है I एक प्रकार से देश को जेलखाने में बदल दिया गया था I विरोधी स्वर को दबोच दिया गया था I जयप्रकाश नारायण सहित देश के गणमान्य नेताओं को जेलों में बंद कर दिया था I न्याय व्यवस्था भी आपातकाल के उस भयावह रूप की छाया से बच नहीं पाई थी I अख़बारों को तो पूरी तरह बेकार कर दिया गया था I आज के पत्रकारिता जगत के विद्यार्थी, लोकतंत्र में काम करने वाले लोग, उस काले कालखंड को बार-बार स्मरण करते हुए लोकतंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे हैं और करते भी रहने चाहिए I उस समय अटल बिहारी वाजपेयी जी भी जेल में थे l जब आपातकाल को एक वर्ष हो गया, तो अटल जी ने एक कविता लिखी थी और उन्होंने उस समय की मनःस्थिति का वर्णन अपनी कविता में किया है I झुलसाता जेठ मास, शरद चाँदनी उदास, झुलसाता जेठ मास, शरद चाँदनी उदास, सिसकी भरते सावन का, अंतर्घट रीत गया, एक बरस बीत गया, एक बरस बीत गया || सीखचों में सिमटा जग, किंतु विकल प्राण विहग, सीखचों में सिमटा जग, किंतु विकल प्राण विहग, धरती से अम्बर तक, धरती से अम्बर तक, गूंज मुक्ति गीत गया, एक बरस बीत गया, एक बरस बीत गया || पथ निहारते नयन, गिनते दिन पल-छिन, पथ निहारते नयन, गिनते दिन पल-छिन, लौट कभी आएगा, लौट कभी आएगा, मन का जो मीत गया, एक बरस बीत गया || लोकतंत्र के प्रेमियों ने बड़ी लड़ाई लड़ी और भारत जैसा देश, इतना बड़ा विशाल देश, जब मौका मिला तो भारत के जन-जन की रग-रग में लोकतंत्र कैसा व्याप्त है, चुनाव के माध्यम से उस ताक़त का प्रदर्शन कर दिया I जन-जन की रग-रग में फैला हुआ ये लोकतंत्र का भाव ये हमारी अमर विरासत है I इस विरासत को हमें और सशक्त करना है I

Facebook Like

Social Link

   


   

Contact us

36, पंधाना रोड खण्डवा ( म. प्र.) 450001
मोबाइल - +919407100434 ,+919407100635
फोन / फेक्स - +91-07332226614
Email- misabandi@gmail.com

Copyright SewapathSansthan 2015-16.